कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की तरफ से बुधवार को दिल्ली के ताज होटल में आयोजित इफ्तार पार्टी में 18 राजनीतिक दलों को एक करने का प्रयास किया गया। यानी विपक्ष सुर मिलाने की कोशिश करता दिखा, तो वहीं पटना में भाजपा सांसद आरजेडी के इफ्तार में शामिल होकर एनडीए की ताल बिगाड़ते दिखे। साथ ही इस पार्टी में प्रणब मुखर्जी की उपस्थिति ने भी कयासों पर विराम लगाने का काम किया।
खबरों के मुताबिक कांग्रेस अध्यक्ष की इफ्तार पार्टी में पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के अलावा एक और पूर्व राष्ट्रपति प्रतिभा देवी सिंह पाटिल ने भी शिरकत की। पार्टी में पूर्व उप राष्ट्रपति हामिद अंसारी, पूर्व पीएम मनमोहन सिंह, दिल्ली की पूर्व सीएम शीला दीक्षित के आलावा कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद, बदरुद्दीन अजमल, अहमद पटेल, राजीव शुक्ला ने भी अपनी मौजूदगी दर्ज करवाई। इस इफ्तार पार्टी में भारत में रूस के राजदूत निकोले कुदाशेव भी यहां मौजूद रहे। विपक्षी दलों के कई नेता कांग्रेस के इफ्तार की शोभा बढ़ा रहे थे, जिनमेँ जदयू के पूर्व नेता शरद यादव, एनसीपी के नेता दिनेश त्रिवेदी, डीएमके की सांसद कनिमोझी, माकपा महासचिव सीताराम येचुरी उपस्थित रहे।
हालांकि, इस इफ्तार पार्टी में समाजवादी पार्टी की ओर से कोई भी शामिल नहीं हुआ, वहीं उमर अब्दुल्ला भी नहीं आए। तृणमूल कांग्रेस की अध्यक्ष ममता बनर्जी और आरजेडी के तेजस्वी यादव और एनसीपी के शरद पवार व्यस्तताओं के कारण इफ्तार पार्टी में नहीं पहुंच पाए।
उधर, भाजपा नेता मुख्तार अब्बास नकवी की इफ्तार पार्टी में पीएम मोदी तो नहीं दिखे, लेकिन उनकी कैबिनेट के मंत्री राजनाथ सिंह, रविशंकर प्रसाद और प्रकाश जावड़ेकर जरूर नकवी के साथ नजर आए। जावड़ेकर के अलावा इस पार्टी में केंद्रीय मंत्री एमजे अकबर, स्मृति ईरानी, शाहनवाज हुसैन और डॉ हर्षवर्धन भी दिखे। नकवी ने कहा, ‘‘राहुल गांधी राजनीतिक लाभ के लिए इफ्तार का आयोजन कर रहे हैं। बहरहाल, मैं जरूररमंद लोगों के लिए इफ्तार दे रहा हूं। वैसे, हम उनके साथ किसी तरह की स्पर्धा नहीं कर रहे हैं।”

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