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बारिश में रहें इन बीमारियों से सावधान

अपने यहाँ की शासन व्यवस्था को तो आप जानते ही हैं। चिकित्सीय सुविधाएँ भी आप की चिकित्सा के लिए कम और धन ऊगाही का साधन मात्र हैं। तो ऐसे में आने वाले बरसात के मौसम से अपने परिवार को बिमारियों से बचाने के लिए खुद को तैयार कर लें। वार्ना आप भी केवल शासन की नाकामी के दुष्चक्र में फस कर रह सकते हैं।

बरसात के दिनों में बारिश का खूब आनद ले पर सावधानियां भी बरते। बरसात के मौसम में स्वच्छ जल गंदे नाले और सूखे कचरे से मिलकर बीमारी वाले कीटाणु पैदा करता हैं। ऐसे में इस बात की ख़ास सावधानी बरतें की खाने से पहले हाथों को अच्छी तरह साफ़ करें। फलों व् सब्जियों को स्वच्छ जल से धुल कर ही इस्तेमाल करें। हो सके तो सब्जियों को ऊबाल कर प्रयोग में लाये इससे इनमे पाए जाने वाले जीवाणु मर जाते हैं। पीने के लिए केवल स्वच्छ जल ही इस्तेमाल करें और अपने घर के आस-पास गन्दा पानी इकठ्ठा न होने दे।

बरसात में होने वाली बीमारियां 
१- डेंगू - डेंगू एक खतरनाक बीमारी हैं। यह मच्छरों के काटने से फैलाती हैं। इसमें मरीज को तेज बुखार, शरीर दर्द, सिर दर्द, जोड़ों में दर्द और उल्टियां आती हैं। अगर बीमारी के लक्छण दिखे तो तुरंत किसी अच्छे डॉक्टर से सलाह लें। मच्छरों को घर के आस पास पनपने न दे। अक्सर मच्छर बरसात के बाद जमे पानी में पैदा होते हैं। इससे बचाव के लिए बरसात के पानी को घर के आस पास न पनपने दे। मच्छरों को मरने वाली दवाईयों का प्रयोग करे।
२-जॉन्डिस - बरसात में होने वाली यह बिमारी दूषित जल व भोजन ग्रहण करने से पैदा होती हैं। इसमें रोगी का शरीर पीला पड़ जाता हैं। इससे तेजी से मरीज के वजन में कमी आती हैं। अगर आपको पेट में दर्द, थकान और उल्टियां हो रही हो तो तुरंत किसी अच्छे डॉक्टर से संपर्क करें। इस बीमारी से बचाव के लिए स्वच्छ जल और स्वच्छ भोजन ही ग्रहन करें। बाहर के खाने से परहेज करें।
३-वॉयरल फीवर- बरसात में अक्सर वॉयरल बुखार लोगों को परेशान करता हैं। इस समय आप को अत्यधिक तेज बुखार, ठण्ड, और कफ हो सकता हैं। साधारणतया यह बुखार ३-७ दिन तक रहता हैं लेकिन आजकल कमजोर प्रतिरोधक क्षमता की वजह से लोगों में यह बीमारी भयंकर रूप ग्रहण कर सकती हैं। तो बुखार होने पर किसी अच्छे डॉक्टर से संपर्क करें।
४-टाइफाईड- टाइफाईड एक दूषित पानी में पाए जाने वाले बैक्टिरिया से होता हैं। इसमें मरीज को बुखार, सरदर्द, कमजोरी और तेज दर्द की शिकायत होती हैं। बीमारी के लक्षण दिखाई देने पर तुरंत किसी अच्छे डॉक्टर से संपर्क करें। बरसात में होने वाली अधिकतर बीमारियां दूषित जल से सम्बंधित हैं इससे बचाव के लिए से सदैव अपने आस पास सफाई रखे और शुद्ध जल का ही प्रयोग करें।
५- मलेरिया- मलेरिया बरसात में होने वाली अधिकांशतः होने वाली बीमारियों में से एक हैं। यह दूषित जल से में पाने मच्छर की वजह से होती हैं। इसमें मरीज को तेज बुखार,कपकपी,दर्द और कमजोरी महसूस होती हैं। इससे बचाव का सीधा सा उपाय हैं अपने आस पास जमने वाली पानी को न जमने दे। मछरों से बचाव के लिए उपाए करें। बीमारी के लक्षण दिखाई देने पर तुरंत किसी अच्छे डॉक्टर से संपर्क करें। 
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