अब तक यूजीसी देश में चलने वाली उच्च संस्थानों को मान्यता प्रदान करने और नए कोर्सो को चलाने की स्वीकृति प्रदान करती थी। इन संस्थानों में होने वाले खर्चे का हिसाब-किताब भी यूजीसी देखा करती थी। पर अब ऐसा नहीं होगा सरकार अब खर्चे के हिसाब-किताब का काम अपने हाथ में लेने की तैयारी में हैं।
मतलब अब वो दिन दूर नहीं की अगर आप सरकार के विरुद्ध विचारधारा रखते हैं और आपने उच्च शिक्षा प्रदान करने के लिए किसी संसथान का निर्माण किया हैं तो आप की ग्रांट सरकार द्वारा रोक दी जाएगी। अब उच्च शिक्षा पर केंद्र सरकार का सीधा नियंत्रण होने जा रहा हैं।
जानकारों की माने तो HEC जो उच्च शिक्षा की गुणवत्ता का ध्यान रखेगी उसमे कुछ खास परिवर्तन नहीं किया जाएगा बस यूँ समझिये कि UGC का नाम अब HEC हो जायेगा। जैसे प्लानिंग कमीशन का नाम परिवर्तित कर नीति आयोग कर दिया गया था पर उसके क्रियाकलापों में अभी भी स्थिलता बनी हुई हैं।
इसका सबसे महत्वपूर्ण पहलु ये होने जा रहा हैं कि अब सभी विश्वविद्यालों, कॉलेजों में सरकार अपने मन माफिक लोगों को भरेगी और ऐसा न कर पाने की स्थिति में उस संस्थान को दिया जाने वाला ग्रांट बंद कर दिया जाएगा।
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