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संत भय्यूजी महाराज ने की खुदकुशी

संत और आध्यात्मिक गुरु भय्यूजी महाराज ने मंगलवार को खंडवा रोड स्थित आवास पर खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली। सूत्रों का कहना है कि भय्यूजी महाराज ने लाइसेंसी रिवॉल्वर से अपने सिर में गोली मारी। वह अपने खंडवा रोड स्थित इलाके के अपने मकान की पहली मंजिल पर थे। गोली की आवाज सुनने के बाद उनके आवास में मौजूद लोग उनके कमरे की ओर दौड़े। उन्होंने लहूलुहान भय्यूजी को बॉम्बे अस्पताल पहुंचाया। उन्हें आईसीयू में भतीर् किया गया, उपचार चला, मगर उन्हें बचाया नहीं जा सका। पुलिस मामले की जांच क्र रही है। हालांकि, खबरों के अनुसार उन्होंने पारिवारिक मामलों के कारण दबाव में यह कदम उठाया। वहीँ, कांग्रेस मामले की सीबीआई जाँच की मांग कर रही है।

1968 को जन्मे भय्यूजी महाराज का असली नाम उदय सिंह देखमुख है। वह कपड़ों के एक ब्रांड के लिए कभी मॉडलिंग भी कर चुके हैं। भय्यू महाराज का देश के दिग्गज राजनेताओं से संपर्क थे। हालांकि वह शुजालपुर के जमींदार परिवार से ताल्लुक रखते थे। भय्यूजी महाराज तब चर्चा में आए थे जब 2011 में अन्ना हजारे के अनशन को खत्म करवाने के लिए तत्कालीन केंद्र सरकार ने उन्हें अपना दूत बनाकर भेजा था। इसी के बाद ही अन्ना ने उनके हाथ से जूस पीकर अनशन तोड़ा था। वहीं पीएम बनने के पहले गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में मोदी सद्भावना उपवास पर बैठे थे। उस उपवास को तुड़वाने के लिए उन्होंने भय्यूजी महाराज को आमंत्रित किया था। उनका सदगुरु दत्त धामिर्क ट्रस्ट नाम का ट्रस्ट भी चलता है। अपने ट्रस्ट के जरिए वह स्कॉलरशिप बांटते थे। कैदियों के बच्चों को पढ़ाते थे और किसानों को खाद-बीज मुफ्त बांटते थे।

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