अहंकार हमेशा कोमलता को कमजोरी मानता है। यह सत्य नहीं है; यह बस झूठ है। इस 'कमजोरी' शब्द को छोड़ दो--बस इसे नाजुकता कहो, स्रैणता कहो और इसे घटने दो...
अधिक स्रैण बनो, अधिक नाजुक और कोमल। तुम्हारा अहंकार व्यवधान पैदा करने की कोशिश करता है। तुम्हारा अहंकार तुम से कहता है 'मजबूत बनो, मर्दाना बनो, यह बनो और वह बनो।' पुरुष प्रधान मानसिकता की दौड़ में मत पड़ो--इसे भूल जाओ। विश्रांत होओ। जो कुछ भी स्वाभाविक आता है वह सुंदर है।
इस स्रैणता को आत्मसात कर लेना है। यह कमजोरी नहीं है; यह कोमलता है। यह इतना कोमल है कि तुम इसे कमजोरी समझने लगते हो। इसके बारे में 'कमजोरी' शब्द का उपयोग करना इसका मूल्य कम करना है। तुम्हारा अहंकार इसका मूल्य कम कर रहा है, इसकी भर्त्सना कर रहा है, तुम कमजोर हो रहे हो। अहंकार हमेशा कोमलता को कमजोरी मानता है। इसी कारण सदियों से स्त्रियों को कमजोर लिंग समझा जाता रहा है। यह सत्य नहीं है; यह बस झूठ है। इस 'कमजोरी' शब्द को छोड़ दो--बस इसे नाजुकता कहो, स्रैणता कहो, और इसे घटने दो। यह सुंदर है।
- ओशो
अधिक स्रैण बनो, अधिक नाजुक और कोमल। तुम्हारा अहंकार व्यवधान पैदा करने की कोशिश करता है। तुम्हारा अहंकार तुम से कहता है 'मजबूत बनो, मर्दाना बनो, यह बनो और वह बनो।' पुरुष प्रधान मानसिकता की दौड़ में मत पड़ो--इसे भूल जाओ। विश्रांत होओ। जो कुछ भी स्वाभाविक आता है वह सुंदर है।
इस स्रैणता को आत्मसात कर लेना है। यह कमजोरी नहीं है; यह कोमलता है। यह इतना कोमल है कि तुम इसे कमजोरी समझने लगते हो। इसके बारे में 'कमजोरी' शब्द का उपयोग करना इसका मूल्य कम करना है। तुम्हारा अहंकार इसका मूल्य कम कर रहा है, इसकी भर्त्सना कर रहा है, तुम कमजोर हो रहे हो। अहंकार हमेशा कोमलता को कमजोरी मानता है। इसी कारण सदियों से स्त्रियों को कमजोर लिंग समझा जाता रहा है। यह सत्य नहीं है; यह बस झूठ है। इस 'कमजोरी' शब्द को छोड़ दो--बस इसे नाजुकता कहो, स्रैणता कहो, और इसे घटने दो। यह सुंदर है।
- ओशो



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