बदलती दुनियां - Kashi Patrika

बदलती दुनियां


सामूहिक जल से पैकेज्ड वॉटर तक का सफर 

लोगों को आज भी याद होगा कुओं से पानी भरना और रोजमर्रा की जरूरतों के लिए तालाब पर जाना। सबसे बढ़िया बहता जल। आज भी भारत के कई इलाके ऐसे है जहाँ  उपयोगी जल का इस्तेमाल उन्ही पुराने पारम्परिक तरीकों से होता है जैसे सदियों पहले होता आया था।

पर बदलते समय के साथ शहरों में नलकों ने पानी देना शुरू कर दिया और अब वहां प्यूरीफाइड वॉटर का प्रचलन बढ़ता जा रहा हैं। समय किस तरह करवट लेता है ये जान कर आप को भी अचम्भा होगा ताम्बे के पात्र में पिया जाने वाला शुद्ध जल आज प्लास्टिक की बोतले में धरल्ले से बिक रहा है। तो बदलती दुनियां में आप का स्वागत है जहाँ आने वाले विश्व युद्ध की घोषणा स्वक्ष जल के लिए होने की प्रबल सम्भावना हैं।

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केले के पत्तों से हाई हील का सफर 


आप को जान कर आश्चर्य होगा कि के पहले गावों में केले के पत्तों और छाल को पैरों में बांध कर चप्पलों का इस्तेमाल किया जाता था। समय बदला और चमड़ों की चपल्लों ने उसका स्थान ले लिया। लड़कों ने खड़ाऊ को अलविदा कहा और बाटा के चप्पलों ने उनका मन मोह लिया। अब लड़कियां क्यों पीछे रहती तो रैक्सीन से लेकर लकड़ी, प्लास्टिक और चमड़े से बने हाई हील ने उनका मन मोहा। फिर क्या था अब आप को खड़ाऊ की वही खट-खट हाई हील के सैंडलों में सुनाई पड़ रही हैं। 

हाँ ये बात अलग हैं कि उनमें आराम कितना हैं ये लड़कियां ही बता सकती हैं।

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हाथ के पंखों से सेंट्रलाइज्ड ऐसी का सफर 



आज गर्मी कितनी दुखदाई हैं किसी से छुपा नहीं हैं। बदलती आबो-हवा और जंगलों के कट जाने से गर्मियों की धूप ऐसी लगती हैं मानों की जलते अवन में ४५ डिग्री सैल्सियस पर हम लोगों को कोई रोस्ट कर रहा हो। इसी बीच गर्म हवा का झोंका ३६० डिग्री रोस्ट करने के लिए पंखे का काम करता हैं।

पर पहले गर्मी से निजात के लिए लोग पेड़ों के छाव में बैठते थे और हाथ के पंखों का इस्तेमाल बहुतायत में घर की महिलाए किया करती थी।

फिर आया चकर घिन्नी की तरह घूमने वाले बिजली से चलने वाले पंखों का दौर। कहते है सिन्नी ने ऐसे पंखे बनाए की वो कभी ख़राब ही नहीं होते थे। बेचारी कम्पनी एक बार ही अपना माल बेच कर खाली हो गई। खैर। फिर आया कूलर और रूम ऐसी का दौर। अब जमाना है सेंट्रलाइज्ड  होम ऐसी का। पूरे घर को फाल्स सीलिंग से वेंटिलेशन पैकेड कर दीजिए और लीजिए मजा सेंट्रलाइज्ड होम ऐसी का।


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