नीतीश ने ठोंकी ताल
बिहार में जेडीयू और भाजपा के बीच आगामी लोकसभा चुनाव में सीटों के बंटवारे को लेकर सहमति बनती नहीं दिख रही है। सोमवार को जेडीयू ने घोषणा कर दी कि वो बिहार में सबसे ज्यादा सीटों पर चुनाव लड़ेगी। इतना ही नहीं, जेडीयू की ओर से भाजपा को यह सलाह भी दे दी गई कि वह बिहार में अकेले चुनाव लड़ने को स्वतंत्र है।
ज्ञात हो कि बिहार में लोकसभा की 40 सीटें हैं। 2014 के आम चुनाव में भाजपा ने 22 सीटों पर जीत दर्ज की थी और नौ सीटों पर एनडीए के सहयोगी दलों को जीत मिली थी। जेडीयू महासचिव संजय सिंह ने कहा, “2014 के आम चुनाव के नतीज़ों के आधार पर 2019 में सीटों का बंटवारा नहीं होगा, क्योंकि अब हालात बदल गए हैं।”
‛राम मंदिर’ पर टूटा सब्र, साधु-संतों ने सुनाई खरी-खरी
सोमवार को मौका था मनी राम दास छावनी पीठ के महंत नित्या गोपाल दास के 80वें जन्मदिन का। सभी साधु-संत अयोध्या में मंच पर एकजुट हुए थे। इसमें उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यानाथ भी मुख्य अतिथि के तौर पर आए थे। राम मंदिर निर्माण में हो रही देरी से नाराज संत समाज ने मौका देखकर अपनी नाराजगी भी जाहिर कर दी और भाजपा को चेता भी दिया। इस कार्यक्रम में भाजपा के पूर्व सांसद रामविलास वेदांती ने कहा कि अगर भाजपा राम मंदिर के निर्माण में नाकाम रही, तो 2019 के लोकसभा चुनाव में हार का सामना करना होगा। हालांकि, सीएम आदित्यनाथ ने सभी से धैर्य बनाए रखने की अपील की।
मानसून सत्र 18 जुलाई से, सरकार को घेर सकता है विपक्ष
संसदीय कार्य मंत्री अनंत कुमार ने यह जानकारी दी कि संसद का मानसून सत्र 18 जुलाई से शुरु होगा जो दस अगस्त तक चलेगा। संसद का पिछला सत्र (बजट सत्र) विभिन्न मुद्दों पर विपक्ष के हंगामें के कारण बाधित रहा था, जिससे कई महत्वपूर्ण विधेयक पारित नहीं हो पाए थे। इस बार जहां केंद्र सरकार कई महत्वपूर्ण विधेयकों को पारित कराने का प्रयास करेगी, जिनमें तीन तलाक विधेयक और अन्य पिछड़ा वर्ग आयोग को संवैधानिक दर्जा देने संबंधी विधेयक शामिल हैं। वहीं, विपक्ष एकजुट होकर जम्मू-कश्मीर में बीजेपी और पीडीपी के गठबंधन टूटने और राज्य में राज्यपाल शासन लगने को लेकर मोदी सरकार को घेरने की कोशिश कर सकता है।
महागठबंधन पर कांग्रेस में मंथन
कांग्रेस में महागठबंधन के स्वरूप और उसमेँ कांग्रेस की स्थिति को लेकर लगातार मंथन जारी है। सोमवार को कांग्रेस ने कहा कि 2019 के लोकसभा चुनाव में हर राज्य में अलग-अलग चुनावी गठबंधन होंगे और ये कोई एक मॉडल के हिसाब से नहीं होगा। इस बीच राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी प्रमुख शरद पवार ने नेटवर्क 18 को दिए इंटरव्यू में कहा है कि महागठबंधन व्यावहारिक आइडिया नहीं है। शरद पवार ने कहा कि चुनावी गठबंधन अलग-अलग राज्यों में वहां के हालात और राजनीति के हिसाब से ही संभव है।
बिहार में जेडीयू और भाजपा के बीच आगामी लोकसभा चुनाव में सीटों के बंटवारे को लेकर सहमति बनती नहीं दिख रही है। सोमवार को जेडीयू ने घोषणा कर दी कि वो बिहार में सबसे ज्यादा सीटों पर चुनाव लड़ेगी। इतना ही नहीं, जेडीयू की ओर से भाजपा को यह सलाह भी दे दी गई कि वह बिहार में अकेले चुनाव लड़ने को स्वतंत्र है।
ज्ञात हो कि बिहार में लोकसभा की 40 सीटें हैं। 2014 के आम चुनाव में भाजपा ने 22 सीटों पर जीत दर्ज की थी और नौ सीटों पर एनडीए के सहयोगी दलों को जीत मिली थी। जेडीयू महासचिव संजय सिंह ने कहा, “2014 के आम चुनाव के नतीज़ों के आधार पर 2019 में सीटों का बंटवारा नहीं होगा, क्योंकि अब हालात बदल गए हैं।”
‛राम मंदिर’ पर टूटा सब्र, साधु-संतों ने सुनाई खरी-खरी
सोमवार को मौका था मनी राम दास छावनी पीठ के महंत नित्या गोपाल दास के 80वें जन्मदिन का। सभी साधु-संत अयोध्या में मंच पर एकजुट हुए थे। इसमें उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यानाथ भी मुख्य अतिथि के तौर पर आए थे। राम मंदिर निर्माण में हो रही देरी से नाराज संत समाज ने मौका देखकर अपनी नाराजगी भी जाहिर कर दी और भाजपा को चेता भी दिया। इस कार्यक्रम में भाजपा के पूर्व सांसद रामविलास वेदांती ने कहा कि अगर भाजपा राम मंदिर के निर्माण में नाकाम रही, तो 2019 के लोकसभा चुनाव में हार का सामना करना होगा। हालांकि, सीएम आदित्यनाथ ने सभी से धैर्य बनाए रखने की अपील की।
मानसून सत्र 18 जुलाई से, सरकार को घेर सकता है विपक्ष
संसदीय कार्य मंत्री अनंत कुमार ने यह जानकारी दी कि संसद का मानसून सत्र 18 जुलाई से शुरु होगा जो दस अगस्त तक चलेगा। संसद का पिछला सत्र (बजट सत्र) विभिन्न मुद्दों पर विपक्ष के हंगामें के कारण बाधित रहा था, जिससे कई महत्वपूर्ण विधेयक पारित नहीं हो पाए थे। इस बार जहां केंद्र सरकार कई महत्वपूर्ण विधेयकों को पारित कराने का प्रयास करेगी, जिनमें तीन तलाक विधेयक और अन्य पिछड़ा वर्ग आयोग को संवैधानिक दर्जा देने संबंधी विधेयक शामिल हैं। वहीं, विपक्ष एकजुट होकर जम्मू-कश्मीर में बीजेपी और पीडीपी के गठबंधन टूटने और राज्य में राज्यपाल शासन लगने को लेकर मोदी सरकार को घेरने की कोशिश कर सकता है।
महागठबंधन पर कांग्रेस में मंथन
कांग्रेस में महागठबंधन के स्वरूप और उसमेँ कांग्रेस की स्थिति को लेकर लगातार मंथन जारी है। सोमवार को कांग्रेस ने कहा कि 2019 के लोकसभा चुनाव में हर राज्य में अलग-अलग चुनावी गठबंधन होंगे और ये कोई एक मॉडल के हिसाब से नहीं होगा। इस बीच राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी प्रमुख शरद पवार ने नेटवर्क 18 को दिए इंटरव्यू में कहा है कि महागठबंधन व्यावहारिक आइडिया नहीं है। शरद पवार ने कहा कि चुनावी गठबंधन अलग-अलग राज्यों में वहां के हालात और राजनीति के हिसाब से ही संभव है।
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