१० दिनों के हाई प्रोफ़ाइल राजनीतिक ड्रामे के बाद आज मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी शुक्रवार को सदन में बहुमत साबित करेंगे। माना जा रहा हैं कि अगर कोई भी अप्रत्याशित घटना ना होने की सूरत में वह सदन में बहुमत साबित करने में कामयाब हो जाएंगे। हलाकि कांग्रेस की बयानबाजी के बीच इस सरकार की दिशा लगभग तय हो गई है जहाँ काँग्रेस ने साफ़ कर दिया हैं कि सरकार ५ साल चलेगी या नहीं ये अभी तय नहीं किया जा सकता।
सदन में कांग्रेस के ७८, जद(एस) के ३६ और बसपा का एक विधायक है। इस गठबंधन को एक केपीजेपी विधायक और एक निर्दलीय विधायक का भी समर्थन हासिल है। इससे पहले शपथ ग्रहण करने के बाद कुमारस्वामी ने विश्वास मत जीतने की उम्मीद जताई थी। उनका कहना था कि उन्हें इस बात की आशंका है कि भाजपा उनकी सरकार को अस्थिर करने के ‘ऑपरेशन कमल’ दोहराने का प्रयास कर सकती है।
इससे पहले १०४ सीटों वाली सबसे बड़ी पार्टी के रूप में आमंत्रित किए जाने के बाद भाजपा के बीएस येदियुरप्पा ने सीएम पद की शपथ ली थी। लेकिन सुप्रीम कोर्ट के शक्ति परीक्षण के आदेश के बाद विधानसभा में विश्वास मत हासिल करने से पहले ही इस्तीफा दे दिया था। २२४ सदस्यों वाली विधानसभा में २२१ सीटों पर चुनाव हुए हैं।
इन सब के बीच सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार भाजपा स्पीकर पद के लिए दावेदारी कर सकती हैं।



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