आज से प्रधानमंत्री मोदी ५ दिनों के इंडोनेशिया, मलेशिया, और सिंगापुर के दौरे पर रवाना हो गए हैं। बदलते वैश्विक परिवेश में शक्ति संतुलन और व्यापार विस्तार के हिसाब से ये दौरा काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा हैं। तीन सी कॉमर्स, कल्चर और कनेक्टिविटी के आधार पर भारत तेजी से दक्षिण पूर्वी देशों के साथ अपने संबंधों को और मजबूत करने में लगा हुआ हैं। भारत ले लुक ईस्ट पॉलिसी सन १९९१ में तत्कालीन प्रधानमंत्री पी वी नरसिम्हा राव के समय से शुरू की। तभी से आने वाले सभी प्रधानमंत्रियों ने इस पॉलिसी को आगे बढ़ाया।
२०१४ में जब मोदी प्रधानमंत्री बने तो उन्होंने ने भी इस मैत्री सम्बन्ध को आगे बढ़ने की दिशा में कार्य किया। २९ मई से शुरू होने वाली प्रधानमंत्री के इन तीन देशों के दौरे के पीछे सबसे बड़ा कारण हैं इन देशों को भारत में निवेश की लिए प्रोत्साहित करना। साथ ही साथ समुद्री मार्ग पर व्यापार के लिए उचित माहौल तैयार करना।
प्रधानमंत्री के इस विदेश दौरे पर डिफेंस और स्पेस के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर होने की सम्भावना हैं। प्रधानमंत्री के तत्कालीन दौरे की सबसे बड़ी कामयाबी तब होगी जब इंडोनेशिया सबांग आइलैंड जो की मल्लका स्ट्रेट के मुहाने पर स्थित हैं सुमात्रा दीप समूह का हिस्सा है के दरवाज़े भारत के लिए खोल देगा। संभवतः इसका संकेत लुहूत पंडजाइतां के नई दिल्ली के हालिया दौरे में किया गया था।
इसकी भी प्रबल सम्भावना बनी हुई हैं कि निकट भविष्य में भारत, जापान, ऑस्ट्रेलिया और यूएसए की चतुर्दिक वार्ता में इंडोनेशिया भी एक साथी के रूप में जुड़ सकता हैं।



No comments:
Post a Comment