हफ्ते भर की खबरों का लेखा-जोखा।।
आम जन के चश्मे से देखें तो, इस हफ्ते कर्नाटक के सियासी ड्रामे से भी ज्यादा हलकान दिन-ब-दिन चढ़ते पारे ने कर रखा है। उत्तर भारत में पारा 45-46 डिग्री तक पहुंच गया है और अभी भी गर्मी से राहत की गुंजाइश नहीं है। उधर, प्रदूषण से बेहाल तमिलनाडु के तूतीकोरिन के स्थानीय निवासियों ने 'स्टरलाइट कॉपर प्लांट' के विरोध में मोर्चा खोल दिया है। कंपनी प्रबंधन खुद को पाक-साफ बता रही है और सरकार गोली चलाकर प्रदर्शनकारियों को चुप कराने में जुटी है। अब तक दर्जनभर लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। मिलता-जुलता हाल भारत-पाक सीमा से सटे जम्मू-कश्मीर के लोगों का है, जहां रमजान शुरू होते ही पाकिस्तान की तरफ से की जा रही गोलाबारी में अब तक भारतीय सीमा में 9 नागरिकों समेत 11 लोगों की मौत हो चुकी है और 50 से ज्यादा लोग घायल हो चुके हैं। सीमा रेखा से सटे 100 से ज्यादा गांव गोलाबारी से प्रभावित हैं और वहां युद्ध जैसे हालात बने हुए हैं।
इन सबके बीच 'निपाह' की दस्तक, मेजर गोगोई पर लग रहे आरोप, डिविलियर्स का सन्यास, तेल के बढ़ते दाम, बोधगया बम ब्लास्ट मामलें में सभी आरोपी दोषी करार जैसी तमाम खबरों ने कभी चौकाया, तो कभी चिंतित किया। हालांकि, उत्तरखंड के पुलिसकर्मी गगनदीप सिंह गिल के वीडियो ने इंसानियत पर भरोसा रखने की उम्मीद को जीवंत रखा, जिसमें सिख दरोगा ने अपनी जान की परवाह किए बिना मुस्लिम युवक की रक्षा की।
चढ़ता पारा और आशंकाएं
उत्तर भारत में भीषण गर्मी ने लोगों को बेहाल कर रखा है, तिस पर पारा चढ़ता ही जा रहा है। गर्मी का रौद्र रूप कई लोगों को लील गया, तो बड़ी संख्या में लोग अस्पतालों के चक्कर लगा रहे हैं। गर्मी के कारण बीमार पड़ रहे मरीजों की संख्या अस्पतालों में बढ़ रही है। वहीँ, मौसम विभाग लगातार चेतावनी दे रहा है कि पूरे उत्तर भारत के लिए अगले तीन दिन काफी खतरनाक हो सकते हैं। कई हिस्सों में लू चल रही है और तापमान पहले ही 45-46 डिग्री सेल्शियस के स्तर को छू रहा है, जो इतवार तक इससे कहीं आगे भी जा सकता है। मौसम विभाग ने अपनी विज्ञप्ति में बताया है कि पश्चिम से आने वाली गरम हवाएं अगले तीन दिनों तक इसलिए भी खतरनाक हो सकती हैं कि इस समय आसमान तकरीबन साफ है और हवा से नमी लगभग नदारद है। ऐसे में सावधानी ही सबसे बड़ा बचाव है और असावधानी जानलेवा हो सकती है।
वर्ष-दर-वर्ष बढ़ती गर्मी ग्लोबल वार्मिंग के लिए व्यक्त की जा रही आशंकाएं को सही साबित करती प्रतीत हो रही है। अगर यह सही हैं, तो ये खतरे आने वाले समय में लगातार बढ़ते ही जाएंगे। हर अगला वर्ष जिस तरह से तापमान के पिछले सभी रिकॉर्ड तोड़ रहा है, उससे हमारा डर लगातार बढ़ता जा रहा है। कुछ विशेषज्ञ मानते हैं कि हमें तुरंत ही ग्लोबल वॉर्मिंग से निपटने में जुट जाना चाहिए, जबकि कुछ का मानना है कि यह बहुत आसान नहीं है। ग्लोबल वार्मिंग को नियंत्रित करना टेढ़ी खीर हो सकता है, लेकिन लोगों को भीषण गरमी से, या किसी भी मौसम की भीषणता से बचाना उतना कठिन काम नहीं है। इसके लिए सार्वजनिक स्वास्थ्य इन्फ्रास्ट्रक्चर में बस थोड़े से निवेश एवं राजनीतिक इच्छाशक्ति की जरूरत है। फिलहाल, गर्मी से परेशान लोग बारिश का इन्तजार कर रहे हैं, ताकि कुछ राहत मिले।
प्रदूषण, विरोध और गोलियां
तमिलनाडु के तूतीकोरिन में वेदांता ग्रुप की कंपनी स्टरलाइट कॉपर के खिलाफ स्थानीय निवासियों का गुस्सा चरम पर है। पुलिस फायरिंग में 13 लोगों की मौत के बाद भी प्रदर्शनकारियों का गुस्सा शांत नहीं हुआ। हालांकि, मुद्दे को लेकर राजनीति शुरू हो गई है और विपक्ष को कठघरे में खड़ा करने की जुगत में सभी दल जुट गए हैं। इन सबके बीच 13 लोगों की अकारण मौत बस बदले में की गई पुलिसिया कार्रवाई बनकर कागजों में दफ्न होती दिख रही है। वैसे जांच का मरहम लगाने की कवायद हो रही है।
स्थानीय निवासियों प्लांट का विरोध काफी पहले से कर रहे हैं। यह विरोध इस साल की शुरुआत में तब काफी बढ़ गया, जब बीस साल पुराने इस प्लांट के विस्तार की योजना सामने आई। स्थानीय आबादी इस प्लांट से हो रहे प्रदूषण से त्रस्त है। उनका आरोप है कि स्टरलाइट कॉपर प्लांट से निकलने वाला खतरनाक औद्योगिक कचरा जमीन, हवा और पानी में प्रदूषण फैलाने के अलावा उनके स्वास्थ्य को भारी नुकसान पहुंचा रहा है, जिससे लोगों की मौत भी हुई है और वो चाहते हैं इसे बंद किया जाए। स्थानीय निवासियों का कहना है कि कंपनी कॉपर का लावा नदी में डाल रही है और प्लांट के आसपास के बोरवेलों में पानी की क्वॉलिटी रिपोर्टें साझा नहीं कर रही।
स्टरलाइट कंपनी का कहना है, "कंपनी स्वास्थ्य, सुरक्षा और पर्यावरण से जुड़े कड़े मानकों का पालन करती है और पिछले सालों में कंपनी ने प्रशासन और केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय के सभी नियमों का पालन किया है।" विवाद के दौरान कंपनी ने यह पेशकश भी की कि वह प्लांट के गेट खोलने को तैयार है, ताकि लोग चाहें तो अंदर आकर खुद देख लें कि कैसे वहां पर्यावरण संबंधी एक-एक कानून का पालन हो रहा है। लेकिन प्रदर्शनकारियों का कहना है कि बात कंपनी के अंदर की है ही नहीं, मामला तो यह है कि बाहर क्या हो रहा है।
वैसे प्लांट बीते 27 मार्च से बंद है। शुरू में बताया गया था कि नियमित मेंटनेंस के लिए इसे 15 दिन बंद रखा जाएगा, लेकिन इस बीच तमिलनाडु प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने कंपनी का लाइसेंस रद्द कर दिया। ऐसे में, यह सचमुच आश्चर्यजनक है कि आम लोगों की लगातार शिकायतों के बावजूद तमिलनाडु सरकार ने उनके गुस्से को शांत करने का कोई प्रयास क्यों नहीं किया और सिर्फ निशाना बांधकर प्रदर्शनकारियों पर गोली चलाती पुलिस की शक्ल में नजर आई है। यह बात भी गौर करने की है कि तूतीकोरिन से पहले उड़ीसा और छत्तीसगढ़ में भी अपने निवेश को लेकर वेदांता विवादों में रही है।
गैरों की गोलियों से दहशत
गोलियों के कारण दहशत में जम्मू-कश्मीर के लोग भी हैं। फर्क गैरों का है, क्योंकि वहां सीमा पार पाकिस्तान से गोलाबारी की जा रही है। इस्लाम में पवित्र माने जाने वाले रमजान के मौके पर भारत प्रशासित जम्मू-कश्मीर में भारत सरकार की तरफ से एकतरफा युद्धविराम की घोषणा की गई है। वहीं, रमजान का महीना शुरू होते ही पाकिस्तान की तरफ से गोलीबारी शुरू हो गई। इसमें अब तक भारतीय सीमा में 9 नागरिकों समेत 11 लोगों की मौत हो गई है और 50 से ज्यादा लोग घायल हो चुके हैं। सीमा रेखा से सटे 100 से ज्यादा गांव गोलाबारी से प्रभावित हुए हैं। वहां युद्ध जैसे हालात बने हुए है। रियासत की पुलिस का कहना है कि पाकिस्तान की तरफ से किए जा रहे संघर्ष विराम में 5 नागरिक मारे गए और 30 लोग जख्मी हुए।
डिविलियर्स ने कहा, "अलविदा क्रिकेट"
सप्ताह के मध्य (बुधवार) को आयी एक खबर ने दुनिया भर के क्रिकेट प्रेमियों को उदास कर दिया, जब क्रिकेट के महारथी एबी डिविलियर्स या एबीडी (अब्राहम बेंजामिन डिविलियर्स) ने क्रिकेट से सन्यास की घोषणा की। पूरी दुनिया के क्रिकेट प्रेमी, खासकर दक्षिण अफ्रीकी उन्हें 2019 वर्ल्ड कप खेलते देखना चाहते थे और किसी को ये सपने में भी नहीं पता होगा कि वो इतना बड़ा निर्णय एक झटके में ले लेंगे।
क्रिकेट इतिहास में चुनिंदा खिलाड़ी ही ऐसे हुए, जिन्हें देखने के लिए विरोधी टीमों के फैंस भी व्याकुल रहते हैं, डिविलियर्स भी ऐसे ही खिलाड़ियों में शुमार थे। चाहे वो जोहान्सबर्ग का मैदान हो या मुंबई का वानखेड़े स्टेडियम या फिर आईपीएल में रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर का होम ग्राउंड चिन्नास्वामी- एबीडी-एबीडी का शोर हर जगह सुनाई देता, इसी से उनकी लोकप्रियता का अंदाजा लगाया जा सकता है। डिविलियर्स शानदार प्लेयर के साथ-साथ एक जेंटलमैन के रूप में भी प्रसिद्ध रहे हैं। डिविलियर्स को मिस्टर 360 डिग्री कहा जाता है, क्योंकि वह स्टेडियम की किसी भी दिशा में शॉट्स खेलने की क्षमता रखते हैं और वनडे और टी-20 के सरताज माने जाते हैं। उन्होंने ओपनिंग करने से लेकर नंबर आठ के पायदान तक पर बैटिंग की है। बतौर विकेटकीपर भी डिविलियर्स ने कमाल दिखाया और टेस्ट मैचों में 222 कैच लपके एवं पांच स्टंप किए है।
आईपीएल की वजह से उनकी लोकप्रियता भारत में बहुत ज्यादा रही। वो रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर के लिए खेलते हैं। इस सीजन में भी डिविलियर्स ने जबरदस्त बल्लेबाजी करते हुए कई शानदार परियां खेलीं। खेले गए 12 मैचों में उन्होंने 6 अर्धशतकों की मदद से 480 रन बनाए। उनका औसत 53.33 रहा, तो स्ट्राइक रेट 174.55 का। आईपीएल के सभी 11 सत्रों में खेलते हुए डिविलियर्स ने 150.94 के स्ट्राइक रेट और 39.53 की औसत से खेलते हुए 3,953 रन बनाए।
“निपाह” का भय, चर्चा में गोगोई
खतरनाक वायरस निपाह की चपेट में आकर केरल में 11 लोग जान गंवा चुके हैं। कर्नाटक के दो मरीजों में इस इन्फेक्शन के संकेत मिले। बावजूद इसके, इस वायरस के केरल से बाहर आने की आशंका ने लोगों की नींद हराम कर दी है। परिणामस्वरूप, हिमाचल प्रदेश के नाहन जिले में एक सरकारी स्कूल में 18 चमगादड़ मरे पाए गए, तो लोगों में खौफ फैल गया। भारत जैसी घनी आबादी वाले देश में कोई भी संक्रामक बीमारी फैलने पर घबराहट स्वाभाविक है।
उधर, मेजर गोगोई एक बार फिर महिला के साथ होटल में जाने को लेकर चर्चा में हैं। सेना प्रमुख का कहना है कि गोगोई दोषी पाए जाते हैं, तो कड़ी सजा दी जाएगी।
गगनदीप सिंह की इंसानियत को सलाम
उत्तराखंड पुलिस में सब इंस्पेक्टर गगनदीप सिंह का वीडियो सोशल मीडिया पर घूम रहा है, जिसमें वे एक मुसलमान लड़के को उपद्रवियों और हमलावरों से बचाते हुए दिख रहे हैं। उनकी तस्वीर एक झुलसे हुए समय में राहत के झोंके की तरह आई है।
नैनीताल जिले के रामनगर में जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क के पास एक मंदिर है। एक नदी है, जिसके किनारों पर अकसर प्रेमी जोड़े बैठते हैं। एक लड़का अपनी हिंदू दोस्त के साथ एक किनारे बैठा था कि लव जेहाद के नाम पर युवक की पिटाई की जाने लगी। समय पर गगनदीप अपने दोस्तों के साथ मौके पर पहुंच गए और धौंस, गालियां, मुक्के और धमकियां अपनी पीठ पर सह लीं और लड़के को अपने सीने से चिपकाकर उसकी जान बचा ली। हालांकि, गगनदीप सिंह का कहना है,"मैं अपना फर्ज अदा कर रहा था।" परंतु, भीड़ की परवाह किए बिना अपना फर्ज अदा करने वालों की शायद कमी ही है, जो लोग इस वीडियो को "स्पेशल" मान रहे हैं। बात चाहे जो हो, वीडियो देखकर दिल को तस्सली मिलती है कि इंसानियत अभी जिंदा है।
अंततः निदा फाजली की पंक्ति, “ छोटा करके देखिए जीवन का विस्तार, आँखों भर आकाश है मुठ्ठी भर संसार॥”
- सोनी सिंह


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