मध्यप्रदेश में हमारी सरकार बनी तो १० दिन के भीतर किसानों का सारा कर्जा माफ़ किया जाएगा। हम जोड़ने और प्यार की राजनीति करते हैं। आज राहुल गाँधी मध्यप्रदेश के मंदसौर में गोली कांड की पहली बरसी पर बोल रहे थे। लोगों के जमावड़े को देख कर भारी पुलिस बल भी तैनात था।
राहुल गांधी के दिए भाषण के मुख्य अंश :
- युवाओं और महिलाओं से राहुल गांधी ने कहा कि जब भी कोई समस्या हो, आप कमलनाथ जी और सिंधिया जी से मिलें.
-हम शिक्षा और स्वास्थ्य का निजीकरण नहीं करते हैं. कांग्रेस नेताओं से राहुल गांधी ने कहा कि आप गांव-शहर जाएं, सड़कों पर उतरें. क्योंकि जो भी जनता के पास जाएगा, जो जनता से मिलेगा, जो भी एमपी की मिट्टी पर चलेगा, उसी की सरकार बनेगी.- जो सरकार बनेगी उसमें कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ताओं की पहली जगह होगी. अब आप जाइये मध्य प्रदेश को बताइए कि यहां के किसान के साथ शिवराज और नरेंद्र मोदी ने कैसा व्यवहार किया, कैसे धोखा दिया. आप बताइये कि कैसे व्यापम में शिवराज सरकार ने युवाओं का भविष्य बर्बाद कर दिया.
- हम अपने मन की बात नहीं बताना चाहते हैं, बल्कि हम आपके मन की बात और आपका दर्द सुनना चाहते हैं. उऩ्होंने कहा कि अब कांग्रेस पार्टी एक होकर, टीम बनकर, सबके सब मिलकर चुनाव लड़ रही है, इसका एहसास आपको हो गया होगा. मेरी जिम्मेदारी सबसे पहले हिंदुस्तान की जनता, नंबर दो पर कांग्रेस के कार्यकर्ता और तीसरा कांग्रेस के नेता हैं.
- राहुल ने पुरानी बात याद दिलाते हुए कहा कि कर्नाटक में सिद्धारमैया की सरकार ने मुझसे कहा कि हम दस दिन के अंदर किसानों का कर्जा माफ करने जा रहे हैं.
- हमारी पढ़ाई प्यार की है, हम सबको जोड़ते हैं. मैंने नरेंद्र मोदी जी को कहा कि मैं किसानों की बात लेकर आया हूं. इस आवाज को सुनिये. मगर नरेंद्र मोदी ने एक शब्द तक नहीं कहा. नरेंद्र मोदी ने पांच शब्द भी नहीं बोले. किसानों की आवाज के लिए नरेंद्र मोदी ने एक शब्द तक नहीं कहा.
- कर्जा माफ करने का हमारा रिकॉर्ड है. मैं एक ही बार नरेंद्र मोदी जी के ऑफिस में गया हूं. मैं किसानों की बात को लेकर गया था. मैंने कहा कि मोदी जी आपने ढाई लाख करोड़ रुपये सिर्फ 15 लोगो का माफ किया है. मैं किसानों की आवाज लेकर आपके सामने आया हूं, करोड़ों किसानों ने हमें भेजा है, उनकी आवाज को लेकर मैं आया हूं.
- जो हम फूड प्रोसेसिंग फैक्ट्री बनाएंगे, उसमें यहां के किसानों के बेटे को रोजगार देंगे. यहां के युवाओं में कोई कमी नहीं है. दस साल के अंदर चीन की राजधानी बीजिंग को हम मंदसौर का लहसून खिलाएंगे. मगर यह सब आपकी शक्ति से होगा.
- कांग्रेस की सरकार जब आएेगी, तो हम किसानों के खेत के पास फूड प्रोसेसिंग लगा देंगे. हर किसान अपना माल फैक्ट्री में जाकर बेचेगा और शिवराज जी आपकी जेब से एक पैसा भी नहीं लेगा. पूरे मध्य प्रदेश में हम फूड चेन बनाएंगे. आपके खेत को सड़क और शहरों से जोड़ेंगे.
- मंडी में शिवराज सरकार के लोग आपसे पैसा लेते हैं. हम प्रदेश का नक्शा बदलना चाहते हैं. हम मंडी में सिर्फ पैसा नहीं देना चाहते हैं, बल्कि आपकी जिंदगी बदलना चाहते हैं.
- चाहे कुछ भी हो जाए हमारी सरकार बनने पर दस दिन के अंंदर मध्य प्रदेश के किसानों का कर्जा माफ होगा. हम यह करके दिखाएंगे.
- अगर आप झूठ सुनना चाहते हैं तो आप यहां समय बर्बाद कर रहे हैं. हम यहां झूठ नहीं बोलेंगे. हम मन की बात भी नहीं करेंगे, बस आपके मन की बात सुनेंगे और आपके मन की बात वाली सरकार बनाएंगे.
- मेरा सपना है कि आज से पांच-सात साल बाद यहां आए, और फोन पर लिखा हो मेड इन मंदसौर, तो यह काम नरेंद्र मोदी और शिवराज नहीं कर सकते हैं. यह काम कमलनाथ और सिंधिया कर सकते हैं और करके दिखाएंगे. मैं आपसे खोखले वादे नहीं करूंगा.
- हमारे प्रधानमंत्री चीन में झूला झूलते हैं. मोदी जी जो मोबाइल इस्तेमाल करते हैं, उसके पीछे लिखा होता है- मेड इन चाइना. डोकलाम में चीन की सेना घुस जाती है, मगर चीन में मोदी जी से एक शब्द नहीं निकलता.
- नरेंद्र मोदी ने नीरव मोदी और मेहुल चौकसी को 30 हजार रुपये कर्जा दिया. नरेंद्र मोदी ने किसानों से झूठ बोला और धोखा दिया. पीएम मोदी ने सबसे ज्यादा धोखा युवाओं को दिया है. उन्होंने हर साल 2 करोड़ युवाओं को रोजगार देने का वादा किया था. मगर पीएम मोदी ने कुछ नहीं किया. उन्होंने सबके खाते में 15 लाख रुपये देने का वादा किया, मगर सब हवा हवाई साबित हुआ.
- अगर इस देश में सब खाना खाते हैं, तो यह सिर्फ किसानों की बदौलत है. अगर हम हिंदुस्तान के किसानों की रक्षा नहीं कर सकते तो हमारी सरकारों का कोई मतलब नहीं है. मध्य प्रदेश में करीब 1200 किसानों ने आत्महत्या की है.
- ज्योतिरादित्य सिंधिया ने 6 जून की मंदसौर घटना को देश के इतिहास पर बड़ा धब्बा बताया.
कांग्रेस ने 6 जून मध्य प्रदेश के किसानों के लिए काला दिन करार दिया है. कांग्रेक के मध्य प्रदेश में नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने कहा कि मध्य प्रदेश का किसान आज पूर्ण रूप से दु:खी है, पिछले 15 सालों में मध्य प्रदेश में 29,000 से ज्यादा किसानों ने आत्महत्या की है, क्या यही स्वर्णिम मध्य प्रदेश है?




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