सप्ताहांत - Kashi Patrika

सप्ताहांत


हफ्ते भर की खबरों का लेखाजोखा। 
आम जन के चश्मे से देखे तो, जम्मू-कश्मीर को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म रहा, फिर बात चाहे भाजपा-पीडीपी गठबंधन टूटने की हो, सैफुद्दीन सोज के बयान की या घाटी सुरक्षाबलों के हवाले करने की। ‛नोटबंदी’ को लेकर फिर सवाल उठ रहे हैं, तो “मिशन 2019” को लेकर सियासी गलियारे में जोड़-तोड़-जुगत की कसरत जारी है। इन सबके बीच, आस्था के नाम पर एक और कथित संत कठघरे में है। महाराष्ट्र में सरकार ने आज से प्लास्टिक के इस्तेमाल पर पूरी तरह पाबंदी लगा दी है। वहीं, झारखंड में ‛जागरूकता’ से रेप के समाचार ने देशभर को संवेदना से भर दिया।

कश्मीर में आग, सबके अपने राग
जम्मू-कश्मीर काफी समय से नफरत की आग में जल रहा है। समय के साथ कट्टरपंथ, आतंक और हिंसा की लपटें और तेज होती जा रही है। इस दौर में वहां पर्यटक, पत्रकार, सेना, आम नागरिक कोई महफूज नहीं दिख रहा। ऐसे में, समाधान खोजने की जगह राजनीति तलाशी जा रही है। भाजपा-पीडीपी ने गठबंधन से अलग होकर अपनी-अपनी सियासी जमीन घाटी में महफूज कर ली, तो जम्मू-कश्मीर में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और केंद्रीय मंत्री रह चुके सैफुद्दीन सोज ‛आजाद कश्मीर’ का राग अलापकर अपनी जल्द प्रकशित होने वाली किताब के लिए पब्लिसिटी बटोरते जान पड़ते हैं।  अपनी किताब में कश्मीर के इतिहास और संघर्ष का जिक्र किया गया है। भाजपा अध्यक्ष अमित शाह आज से दो दिन कश्मीर में रहेंगे, वे यहां पार्टी कार्यकर्ताओं से मिलने के साथ ही रोड शो का हिस्सा होंगे। उधर, जम्मू-कश्मीर अब सुरक्षाबलों के हवाले कर दिया गया है। सेना की ओर से ‛आपरेशन ऑल आउट’ के दूसरे चरण में 21 मोस्ट वांटेड आतंकी निशाने पर हैं। इन सबके बीच, वहां रहने वाले दहशत में हैं, क्योंकि आतंकियों को तो न रमजान का डर है, न सेना का।

‛नोटबंदी’ सवाल तो है? 
नोटबंदी को लेकर समाचार पत्र ‛बिजनेस स्टैंडर्ड’ में छपी ताजा खबर के बाद एक बार फिर भाजपा सरकार सवालों के घेरे में है। आरटीआई के जरिये प्राप्त जानकारी के अनुसार 'नोटबंदी' घोषित होने के अगले पांच दिनों के भीतर यानी 14 नवंबर, 2016 तक ‘अहमदाबाद जिला सहकारी बैंक’ (एडीसीबी) में 745.59 करोड़ रुपये मूल्य के चलन से बाहर किए गए नोट जमा कराए गए थे। अखबार की इसी रिपोर्ट के मुताबिक इस बैंक के निदेशक भाजपा के अध्यक्ष अमित शाह हैं। वहीँ, राजकोट के जिला सहकारिता बैंक में 693 करोड़ जमा हुए। इसके चेयरमैन जयेशभाई विट्ठलभाई रदाडिया हैं, जो इस वक्त गुजरात सरकार में कैबिनेट मंत्री हैं। इसे लेकर कांग्रेस ने भाजपा को घेरने के साथ ही नोटबंदी को सबसे बड़ा घोटाला बताया है। सवाल यह भी उठाया जा रहा है कि इतने पैसे गिनने के लिए कर्मचारी और क्या व्यवस्था थी?

कठघरे में एक और संत
धर्म-चमत्कार के नाम पर लोगों के आस्था के साथ खिलवाड़ करने वाले आशाराम बापू, राम रहीम जैसे कई बड़े चेहरे हाल ही में बेनकाब हुए, बावजूद इसके कथित संतों से लोगों का मोहभंग नहीं हो रहा। परिणाम यह है कि एक बार फिर एक संत कठघरे में है। खुद को शनि का भक्त बताने वाले दाती महाराज पर उनकी ही एक भक्त ने बलात्कार का आरोप लगाया है। हालांकि, इस मामले में क्राइम ब्रांच को शुक्रवार को भी दाती महाराज से पूछताछ में ऐसा कोई सुराग नहीं मिला है, जिससे कि पीड़िता से दुष्कर्म की बात साफ हो पाए। किंतु, सूत्रों की मानें तो दाती के मोबाइल फोन में क्राइम ब्रांच की टीम को कुछ अश्लील व्हाट्सएप मिले हैं, जिनकी मदद से पुलिस सोमवार सुबह उसकी गिरफ्तारी कर कोर्ट के समक्ष पेश करेगी। हालांकि, इन चैट का पीड़िता से कोई ताल्लुक नहीं है। इस वजह से पुलिस के सामने महत्वपूर्ण सबूतों को तलाशने में दिक्कत आ रही है।

सियासत दूर की कौड़ी
2019 लोकसभा चुनाव में जीत के लिए जनता को लुभाने के लिए वादों-दावों-विज्ञापनों पर माथापच्ची के साथ ही सियासी दोस्ती-दुश्मनी-गठजोड़ की जोर आजमाइश इन दिनों अपने चरम पर है। भाजपा पुराने रिश्तों को जिन्दा रखने की पुरजोर कोशिश कर रही है, तो साथी मौके को भुनाने की मशक्कत करते दिख रहे हैं। नीतीश कुमार ने ‛योग दिवस’ दूरी बनाई, तो शिवसेना लगातार भाजपा के विरुद्ध बयानबाजी कर रही है।
उधर, कांग्रेस के साथ सपा, बसपा का ताल बैठ नहीं रहा, तो यूपी में कांग्रेस ने सभी 80 लोकसभा सीटों पर लड़ने के लिए कमर कस ली है। कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता की माने तो, यूपी में पार्टी के ज्यादातर नेता वैसे भी समाजवादी पार्टी के साथ हाथ मिलाने को लेकर रजामंद नहीं थे हालांकि, सीटों पर बात बन जाए तो बसपा के साथ गठबंधन किया जा सकता है। वैसे, कांग्रेस बिहार में राजद, पश्चिम बंगाल में अखिल भारतीय त्रिमूल कांग्रेस, महाराष्ट्र में रांकापा के साथ गठबंधन कर सकती है। इस बीच, प्रियंका गांधी के एक बार फिर राजनीति में सक्रिय भागीदारी की चर्चा गर्म है।

‛जागरूकता’ का रेप
झारखंड के खूंटी जिले के कोचांग गांव में एक बेहद संवेदनशील घटना सामने आई है। जहां गांव के मिशन स्कूल में मानव तस्करी के खिलाफ जागरूकता फैलाने के लिए नुक्कड़ नाटक करने गई पांच लड़कियों को बलात्कार का शिकार होना पड़ा। आशा किरण नामक सामाजिक संस्था की ओर से 11 लोग की टीम ने कोचांग गांव में नुक्कड़ नाटक किया। इसके बाद सभी लोग स्थानीय मिशन स्कूल चले गए। पुलिस के अनुसार इस दौरान कुछ असामाजिक तत्व मोटरसाइकिल से स्कूल परिसर पहुंचे और बंदूक की नोंक पर पांच आदिवासी युवतियों को अगवा कर अपने साथ जंगल में ले गए और वहीं पर अपराध का अंजाम दिया। पुलिस मामले की छानबीन कर रही है। पुलिस के मुताबिकइस घटना में पत्थलगड़ी समर्थकों का भी हाथ हो सकता है। मालूम हो कि झारखंड के कई आदिवासी इलाकों में पत्थलगड़ी की मुहिम छिड़ी है। ग्रामसभाओं में आदिवासी गोलबंद हैं और पत्थलगड़ी के माध्यम से स्वशासन यानी ‘अपना शासन, अपनी हुकूमत’ की मांग कर रहे हैं। वहीँ, राष्ट्रीय महिला आयोग ने भी इस मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय जांच दल गठित किया है।

महाराष्ट्र में प्लास्टिक इस्तेमाल पर भी जुर्माना
महाराष्ट्र में शनिवार से प्लास्टिक के इस्तेमाल पर पूरी तरह से रोक लग गई है। अब किसी भी प्रकार के प्लास्टिक के इस्तेमाल, भंडारण या उत्पादन करते पाए जाने पर जुर्माना ठोका जाएगा। मुंबई समेत राज्यभर में इसके लिए छापेमारी शुरू की जाएगी। इससे पहले, प्लास्टिक के पर्याप्त विकल्प न होने के चलते पैकेजिंग समेत कुछ अन्य उत्पादों में राहत देने की पुरजोर मांग व्यापारियों की ओर से की जा रही थी। राहत की अवधि समाप्त होने के बाद यह उम्मीद टूट गई। 
अंततः दाग देहलवी की पंक्ति-
“सर दोस्तों का काट के रखते हैं सामने, 
गैरो से पूछते हैं कसम किसकी खाएँ हम।”
■ सोनी सिंह


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