अच्छी नींद अच्छी सेहत के लिए जरूरी है, मगर अधिक सोना भी नुकसानदायक होता है। नींद को लेकर शोध करने वालों की मानें तो, हफ्तेभर कम सो पाने की कमी वीकएंड में सोकर पूरी की जा सकती है।।
भरपूर यानी दिन में तकरीबन सात घण्टे की नींद न लेकर आप अपनी सेहत से खिलवाड़ कर रहे हैं। इससे दिल की बीमारी,डायबिटीज और कैंसर आदि बीमारियों को न्योता दे रहे हैं और अपनी जीवन रेखा कम कर रहे हैं। हालांकि, अच्छी खबर यह है कि ताजा रिसर्च में यह बात सामने आई है कि हफ्ते के दौरान कम सोने वाले लोग वीकएंड में उसकी भरपाई कर सकते हैं, ताकि सेहत को नुकसान न पहुंचे। यदि नींद की कमी छुट्टी के दिन पूरी कर ली जाती है, तो नींद की कमी से बढ़ने वाले मौत के खतरे का असर नहीं होता। ये बात सोने पर रिसर्च करने वालों की एक अंतरराष्ट्रीय टीम ने जर्नल ऑफ स्लीप रिसर्च में छपी है।
रिसर्च के मुताबिक, “यदि वीकएंड पर नींद की भरपाई कर ली जाती है, तो रोजाना सात से साढ़े सात घंटे सोना जरूरी नहीं है।” नींद से संबंधित इस अध्ययन में स्वीडन के करीब 44,000 लोगों के डाटा का 13 साल तक अध्ययन किया गया।
कम नींद, कम आयु
शोधकर्ताओं का मानना है कि औसत नींद की जरूरत के लिए सात घंटे सोना जरूरी है। हर रात पांच घंटे या उससे कम सोने वाले 65 साल से कम उम्र के लोगों के मरने का खतरा सात घंटे की नींद लेने वाले लोगों की तुलना में ज्यादा होता है। लेकिन यह खतरा उन लोगों में नहीं था जो वीकएंड के दौरान ज्यादा सोते थे और बकाया नींद पूरी कर लेते थे। इससे रिसर्चरों ने निष्कर्ष निकाला कि नींद में कमी की भरपाई सेहत को खतरे में डाले बिना वीकएंड में पूरी की जा सकती है।
ज्यादा नींद भी हानिकारक
जल्दी मौत का खतरा सिर्फ उन लोगों को नहीं है, जो औसत से कम सोते हैं बल्कि उन लोगों को भी जो उससे ज्यादा सोते हैं। रिसर्चरों ने पाया कि रोजाना 9 घंटे से ज्यादा सोने वाले 65 साल के कम आयु के लोगों में भी मरने का जोखिम ज्यादा होता है। नींद एक्सपर्ट का कहना है कि छह घंटे से कम और 9 घंटे से ज्यादा सोना जीवन दर को कम करता है और डायबिटीज या कैंसर के जोखिम को बढ़ा देता है।
खुश रहने का नुस्खा
शोधकर्ताओं के अनुसार कम नींद का असर लोगों के दिमाग पर भी पड़ता है। रात में छह घंटे से कम की नींद का असर मिजाज पर दिखता है, इसलिए अगर आप खुशमिजाजी में दिन शुरू करना चाहते हैं तो कम से कम सात घंटे सोना जरूरी है।



No comments:
Post a Comment