सेंट्रल इंजेलिजेंस एजेंसी (CIA) के हालिया वर्ल्ड फैक्टबुक में विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) और बजरंग दल को ‘धार्मिक आतंकवादी संगठन’ करार दिया है। सीआईए, यूएस की इंटेलिजिजेंस विंग है। सीआईए ने जारी अपनी फैक्टबुक में राजनीतिक दबाव पर चलने वाले संगठनों का वर्गीकरण किया है। ये संगठन राजनीति में शामिल होते हैं या फिर बहुत ज्यादा राजनीतिक दबाव बनाते हैं। लेकिन ऐसे संगठनों के नेता चुनाव नहीं लड़ते हैं।
वीएचपी प्रवक्ता विनोद बंसल ने खबर को झूठा बताते हुए कहा कि हमने सरकार से इस मामले में दखल देने को कहा है। CIA की इस रिपोर्ट पर यूएस सरकार से बात करने को भी कहा है। सरकार को हमारे साथ इस मुद्दे को उठाना चाहिए। सीआईए को भी माफी मांगनी चाहिए और रिपोर्ट पर काम करना चाहिए।
सीआईए ने विश्व हिंदु परिषद के अलावा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS), हुर्रियत कॉन्फ्रेंस और जमात-ए-उलेमा-ए-हिंद को भी राजनीतिक दबाव वाले संगठन की सूची में डाला है।
बता दें कि सीआईए हर साल अपनी फैक्टबुक जारी करती है। इस बुक में इतिहास, सरकार, आर्थिक, ऊर्जा, भौगोलिक, संवाद, आतंकियों और देशों के मुद्दों की जानकारी होती है। एजेंसी ये बुक 1962 से प्रकाशित कर रही है, लेकिन 1975 से इसे सार्वजनिक किया जाने लगा है।
बताते चले कि की सीआईए ने हालिया जारी मैप में पीओके और आक्साई चीन को भी भारत का अंग नहीं दिखाया हैं।
:सोर्स
वीएचपी प्रवक्ता विनोद बंसल ने खबर को झूठा बताते हुए कहा कि हमने सरकार से इस मामले में दखल देने को कहा है। CIA की इस रिपोर्ट पर यूएस सरकार से बात करने को भी कहा है। सरकार को हमारे साथ इस मुद्दे को उठाना चाहिए। सीआईए को भी माफी मांगनी चाहिए और रिपोर्ट पर काम करना चाहिए।
सीआईए ने विश्व हिंदु परिषद के अलावा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS), हुर्रियत कॉन्फ्रेंस और जमात-ए-उलेमा-ए-हिंद को भी राजनीतिक दबाव वाले संगठन की सूची में डाला है।
बता दें कि सीआईए हर साल अपनी फैक्टबुक जारी करती है। इस बुक में इतिहास, सरकार, आर्थिक, ऊर्जा, भौगोलिक, संवाद, आतंकियों और देशों के मुद्दों की जानकारी होती है। एजेंसी ये बुक 1962 से प्रकाशित कर रही है, लेकिन 1975 से इसे सार्वजनिक किया जाने लगा है।
बताते चले कि की सीआईए ने हालिया जारी मैप में पीओके और आक्साई चीन को भी भारत का अंग नहीं दिखाया हैं।
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