सुप्रीम कोर्ट ने कल ही इसका समर्थन किया हैं कि जगन्नाथ मंदिर के दर्शन का सौभाग्य सभी को मिलना चाहिए। धर्म और जाति के आधार पर वहां लोगों को जाने से रोकना गलत हैं। सुप्रीम कोर्ट ने तत्कालीन प्रबंधन से आग्रह किया हैं कि आप मंदिर में प्रवेश सभी लोगों को करने दे जो मंदिर की प्रतिष्ठानुरूप कपड़े धारण करते हैं और मंदिर में दर्शन के नियमों का पालन करते हैं।
जस्टिस ए के गोयल और एस अब्दुल नज़ीर ने इसका संज्ञान लेते हुए ये कहाँ हैं कि हिन्दू धर्म सभी धर्मो का सम्मान करता, कोई भी जिला न्यायालय किसी में मंदिर में लोगों को रोके जाने पर संज्ञान ले सकता हैं सम्बंधित रिपोर्ट जुड़े उच्च न्यायालयों को भेज सकता हैं जिसे एक उच्च न्यायालय PIL की तरह लेगी और अपना निर्णय सुनाएगी।
ऐसे समय में जब भारत में धर्म और जाति के आधार विषमताओं में इजाफा हो रहा हैं उस सैम सर्वोच्च न्यायालय का ये फैसला स्वागत योग्य हैं।



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